Wednesday, 29 August 2018

सामाजिक कार्यकर्ताओं के Arrest पर मायावती जी का बयान

सामाजिक कार्यकर्ताओं के Arrest पर मायावती जी का बयान

BSP Press Release
आज बहन मायावती जी ने 5 सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे पर Press Release जारी की जिनके नाम वीर वरराव राव, अरुण फरेरिया, गौतम नवलखा, सुधा भारद्वाज, वरनॉन गोंजाल्वेस शामिल है
आज 29 अगस्त को मायावती जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके 5 Social Workers देशभर के जो गिरफ्तार किए गए हैं उनको लेकर बहन जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है ,
देशभर में सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी को बसपा प्रमुख Mayawati Ji ने निरंकुश तथा सत्ता का दुरुपयोग बताया है ।
आपको बता दें कि 7 शहरों में पुलिस ने रेड डालकर 5 सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है जिनमें हैदराबाद के वीर वरराव राव, अरुण फरेरिया, गौतम नवलखा, सुधा भारद्वाज, वरनॉन गोंजाल्वेस जैसे पांच एक्टिविस्ट पर कार्रवाई करके गिरफ्तार कर लिया गया है, बहन जी की Press Release के मुख्य बिंदु आपसे शेयर कर रहा हूं इसे पढ़ें और अधिक से अधिक  व्यक्तियों तक पहुंचाए ।
1.भीमा कोरेगांव में दलितों की जबरदस्त एकजुटता BJP सरकार को पसंद नहीं आई है ,समारोह के बाद हिंसा फैलाई गई और उसकी आड़ में दलितों पिछड़ों आदिवासियों के हक के लिए काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं  Social Workers) की धड़पकड़ की जा रही है ।
2. BSP प्रमुख के अनुसार यह लोग अन्याय और अत्याचार और जमीन से बेदखली के मामलों में कोर्ट कचहरी में संघर्ष करते हैं ।
3.आतंक और डर फैलाने के उद्देश्य में करी गई कल देशभर में हुई गिरफ्तारियां, BJP सरकार की निरंकुशता की पराकाष्ठा और जितनी भी निंदा की जाए वो कम है ।
4. देश के कवि ,महिला, वकील, प्रोफेसर बुद्धिजीवियों Intellectuals के गिरफ्तारी से अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान बांटना चाहती है सरकार ,इस द्वेषपूर्ण कार्रवाई से लोगों में व्यापक आक्रोश है ।
5. भीमा कोरेगांव मामले में जिनके खिलाफ FIR है ,उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है सरकार ,इसके बजाय उन विख्यात लोगों को Arrest किया जा रहा है जिनका सार्वजनिक जीवन खुली किताब है ।
6. इन सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों पर नफरत फैलाने का आरोप बेतुका और विद्वेषपूर्ण malicious है ।
7. 5 लोगों की गिरफ्तारियां उस दौर की याद दिलाता है जब गुजरात में CM की हत्या की साजिश की आड़ में लगातार पुलिस एनकाउंटर हुए थे ।
8. BJP को ऐसी जनविरोधी और कार्यप्रणाली से बचना चाहिए ।
उम्मीद है इस प्रेस विज्ञप्ति के मुख्य बिंदुओं को आप पढ़ेंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करेंगे ।
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BSP Press Note
Press Release Note
Mayawati's statement on the arrest of social workers

On August 29, Mayawati issued a press release and she has issued a press release regarding 5 social workers who have been arrested all over the country,

The arrest of social workers and intellectuals across the country has been described by BSP chief Mayawati as autocratic and misuse of power.

Let us tell you that in seven cities, police have arrested 5 social workers by arresting Red, in which five activists of Hyderabad, Veer Varavarao Rao, Arun Ferreya, Gautam Navlakha, Sudha Bharadwaj, Varanon Gonzalez have been arrested and arrested, sister I am sharing with you the main points of the press release and read it and reach more people.

1. The great unity of Dalits in Bheema Koregaon has not been liked by the BJP government, violence has been spread after the ceremony and under the guise of social workers working for the rights of Dalits and backward tribals is being thrashed.

2. According to the BSP chief, these people fight in Court Courts in cases of injustice and tyranny and eviction from the land.

3. The purpose of spreading terror and fear is to bring the arrests of the nation, the absolutism of the BJP government's autocracy and the condemnation of the same as it has been done.

4. The government wants to share the attention of people with their failures from the arrest of the poets, women, lawyers, professors and intellectuals of the country, there is widespread anger among the people with this malicious act.

5. In the Bhima Koregaon case, the FIR against whom the FIR is not arrested, the government is instead arresting those famous people whose public life is open book.

6. The allegation of spreading hatred on these social workers and intellectuals is absurd and malicious.

7. The arrest of 5 people reminds of the time when there were constant police encounter under the guise of murder of Chief Minister in Gujarat.

8. BJP should avoid such anti-people and methodology.

Hopefully you will read the main points of this press release and share it to as many people as possible.
Source by:- Dalit News Network

Tuesday, 28 August 2018

मायावती जी ने किया BJP पर हमला

मायावती जी ने किया BJP पर हमला


आज 28 अगस्त को बसपा प्रमुख बहन मायावती जी Press release जारी करके केरल में हुई आपदा पर शोक जताया है और साथ ही बसपा प्रमुख ने केंद्र की सरकार (Central Government) पर हमला बोला है और कहा है कि केंद्र की सरकार  केरल के साथ सौतेला व्यवहार करने की कड़ी निंदा करी Press release की मुख्य बिंदु सभी से शेयर कर रहा है उम्मीद है इसे पढ़ेंगे और Share करेंगे ।

1.केरल में आई बाढ़ शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी है ।

2.आपदा से परेशान लोगों के साथ BJP और केंद्र सरकार ने सौतेला व्यवहार किया है ।

3.केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करके पुनर्वास Rehabilitation में हर संभव मदद करनी चाहिए ।

4.बहन जी ने कहा कि ,केरल के साथ-साथ कर्नाटक में भी सभी प्रकार की मदद करनी चाहिए ।

5. केंद्र सरकार का रवैया पूरे मामले में गंभीर और संवेदनशील (sensitive) नहीं रहा और न ही सरकार केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर रही है और न ही States GST में सेस लगाने की अनुमति दे रही है ।

6. इसे भाजपा की संक्रिया राजनीति नहीं कहा जाए तो और क्या कहा जाएगा ।

7. BSP के दक्षिण के सभी राज्यों की यूनिट से तन मन धन से मदद करने के निर्देश दिए हैं ।

8. 10 लाख परिवार वह घर हो गए हैं जो कि एक महाविपत्ति कहां जाएगा, ऐसी घोर आपदा में केंद्र और राज्य को राजनीतिक संकीर्णता बुलाकर मदद के लिए आगे आना चाहिए ।

9. केंद्र की घोर उदासीनता और निष्क्रियता (Inactivity) का परिणाम है कि मुख्यमंत्री की दुनिया भर के मलयाली केरलवासियों से सहायता मांगने पड़ रही है, और साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्रियों को हवाई दौरों की जगह जिला प्रशासन को संसाधन resources मुहैया कराए जाने चाहिए ।
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Mayawati ji attacked again on BJP:-
Today, on August 28, BSP chief Mayawati has expressed condolence over the disaster in Kerala by issuing a press release, and the BSP chief has attacked the central government and said that the central government has strongly condemned the step of dealing with Kerala. Curry is sharing the key point of the press release, hoping to share it and share it.

1. The flood in Kerala is the biggest tragedy of the century.

2. The BJP and the Central Government have treated the step with the people troubled by the issue.

3. All possible help should be made in rehabilitation by declaring the flood of Kerala as a national calamity.

4. Mayawati ji said that all kinds of help should be done in Karnataka as well as in Karnataka as well.

5. The attitude of the Central Government has not been serious and sensitive in the whole matter, nor is the government declaring the flood of Kerala as a national calamity nor is the state permitting to cede the GST.

6. If it is not called BJP's operational politics then what will be said.

7. The BSP has instructed all the states in the South to help with money.

8. 10 lakhs of families have become a house where a mahapatta will go, in such a disaster, the Center and the State should come forward for help by calling political conservatives.

9. The outcome of the Center's grim indifference and inaction is that the chief minister is seeking help from Malayalee Keralites all over the world, and also said that the ministers should be provided resources to the district administration instead of air trips.
BSP Press release note
BSP Press release note


Source by:- Dalit News Network

Thursday, 23 August 2018

वैदिक धर्म और तथागत गौतम बुद्ध


               वैदिक धर्म और तथागत गौतम बुद्ध

Buddhism and Hindu Religion
वैदिक धर्म और तथागत गौतम बुद्ध
महात्मा बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में एक क्षत्रिय परिवार में हुआ था। उनके पिता शुद्धोधन उस समय कपिलवस्तु के राजा थे । उनकी माता का नाम महामाया था । राज्य परिवार में जन्म लेने के बाद भी भगवान बुद्ध का मन राजपाट और सुख सुविधाओं (Comfort facilities)में नहीं लगा, और उन्होंने 29 वर्ष की अवस्था में गृह त्याग कर दिया । तथा 6 वर्ष भटकने के बाद उन्हें बोधगया में पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान (Knowledge) प्राप्ति हुई । सारनाथ में भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया, जिसे धम्म चक्र प्रवर्तक (Whirlwind change) कहा जाता है, भगवान बुद्ध वेदों की प्रमाणिकता में विश्वास नहीं करते थे, उनका दृष्टिकोण वैज्ञानिक दृष्टिकोण था ।

1.जहां ब्राह्मण धर्म (हिन्दू धर्म) में वेदों को ईश्वर की रचना बताया जाता है, वही भगवान बुद्ध ईश्वर के अस्तित्व Existence में विश्वास नहीं करते थे, वासेट्ठ और भारद्वाज ब्राह्मणों के प्रश्नों के उत्तर में भगवान बुद्ध Lord Buddha ने कहा था कि, जब किसी ने ब्रह्मा को देखा नहीं ? किसी ब्रह्मा Brahma का साक्षात्कार नहीं हुआ तब तुम कैसे मानते हो कि ब्रह्मा का अस्तित्व है ।

2. जहां ब्राह्मण धर्म (हिन्दू धर्म) में कहा गया है, कि वेदों vedas के किसी भी शब्द पर प्रश्नचिन्ह (Question mark) नहीं लगाया जा सकता । वही कलाम  क्षत्रियों को संबोधित करते हुए तथागत गौतम बुद्ध (Lord Buddhaने कहा था कि कोई ऐसी चीज हो ही नहीं सकती जो गलत होने की संभावना से बिल्कुल न्यारी हो , वेद भी नहीं इसलिए भगवान बुद्ध ने कहा कि हर चीज का परीक्षण और संशोधन (Testing and modification) होते रहना चाहिए । तथागत ने कथन जारी रखा “ हे कलामों किसी बात को केवल इसलिए मत मानो कि वह तुम्हारे सुनने में आई है, किसी बात को केवल इसलिए मत मानो कि वह परंपरा से प्राप्त हुई है, किसी बात को केवल इसलिए (Hence) मत मानो कि बहुत से लोग उसके समर्थक हैं, किसी बात को केवल इसलिए मत मानो कि वह बात धर्म ग्रंथों में लिखी हैं, किसी बात को केवल इसलिए मत मानो कि वह किसी आदरणीय आचार्य Teacher कि कही हुई है “ किसी बात को मानने से पहले उसकी बुद्धि और विवेक से अच्छी तरह से जांच-परख कर लेनी चाहिए और जब लगे कि कोई विचार  idea सबके हित का है,तभी उसे मानना चाहिए ।

3. हिंदू धर्म( ब्राह्मण धर्म )में कहा गया है कि संसार की रचना God ने की है ,वही भगवान बुद्ध ने वासेट्ठ ब्राह्मण और भारद्वाज ब्राह्मणों से चर्चा करते हुए कहा था कि, यदि ईश्वर  ने सृष्टि (The creation) की रचना की है तो उसे किस पदार्थ से सृष्टि की रचना की है । यदि सृष्टि की रचना करने से पहले कोई पदार्थ चला आ रहा था, जिससे ईश्वर ने सृष्टि की रचना की है तो, ईश्वर सृष्टि का पहला रचनाकार नही कहला सकता , ईश्वर अज्ञात है अदृश्य है कोई यह सिद्ध नहीं कर सकता कि, इस संसार world को ईश्वर ने बनाया है संसार का विकास हुआ है निर्माण नहीं हुआ ।

4. हिंदू धर्म Brahmanism के अनुसार ब्राह्मण सबसे श्रेष्ठ है, ब्राह्मण वर्ग सबसे ऊंचा है क्योंकि ब्राह्मण वर्ग ब्रह्मा के मुख से उत्पन्न हुआ है, वही भगवान बुद्ध ने अश्वलायन ब्राह्मण के प्रश्न के उत्तर में कहा था, कि जब ब्राह्मणों की स्त्रियां दूसरे वर्गों की स्त्रियों की तरह ऋतु-मती होती है, गर्भधारण करती हैं, संतान का प्रसव करते हैं,तो कैसे कहा जा सकता है, कि Brahman ही श्रेष्ठ है ।

5. वेदों में वर्णों का समाज व्यवस्था को आदर्श समाज व्यवस्था (Ideal society system) कहा गया है, ब्राह्मण का काम पढ़ना-पढ़ाना और धार्मिक संस्कार करना, क्षत्रियों का काम राज्य करना और रक्षा करना, वैश्यों का काम व्यापार करना और शूद्रों का काम ऊपर के तीन वर्णों की सेवा करना , भगवान बुद्ध ने एसुकारी (Auscari) ब्राह्मण के प्रश्न का उत्तर में कहा था कि, यदि चातुर्वर्ण एक आदर्श समाज व्यवस्था है तो यवन और कमवोज पड़ोसी देशों (Neighboring countries)में यह वर्ण व्यवस्था लागू क्यों नहीं है । भगवान बुद्ध ने आगे कहा, जहां तक मेरी बात है आदमी को वही पेशा (Occupation)करना चाहिए, जिस व्यवसाय में उसकी स्थिति अच्छी हो, और उस व्यवसाय को छोड़ देना चाहिए,जिससे उसकी स्थिति खराब हो ।
6. ब्राह्मण धर्म के अनुसार शुद्रो तथा सभी वर्गों की महिलाओं को पढ़ने लिखने और उपनयन संस्कार का अधिकार Rights। नहीं है क्योंकि स्त्रियां अशुद्ध होती हैं, लेकिन भगवान बुद्ध ऐसा नहीं मानते थे , उन्होंने महा प्रजापति गौतमी, यशोधरा ,प्रकृति नामक चंडालिका आदि स्त्रियों को अपने धर्म में दीक्षित किया तथा पाली, नाई, भंगी सुनीत, अछूतों ,ब्राह्मणों तथा कई राजाओं को बिना भेदभाव (No discrimination)को अपने धम्म में दीक्षित किया ।
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7. हिंदू धर्म के अनुसार आत्मा की मुक्ति (Freedom of soul)या मोक्ष की प्राप्ति यज्ञ करने यज्ञ में पशुओं की बलि देने तथा दूसरी धार्मिक क्रियाएं करने तथा ब्राह्मणों को दान देने  से होती है , लेकिन भगवान बुद्ध यज्ञों में पशुओं की बलि देने के बिल्कुल खिलाफ थे ,उज्जय ब्राह्मण के प्रश्न के उत्तर में तथागत गौतम बुद्ध ने कहा था कि, हे! ब्राह्मण जिन यज्ञों Yagna में गाय की हत्या होती हो बकरियां और भेड़ों की बलि दी जाती हो, नाना तरह के प्राणियों की हत्या की जाती हो, मैं ऐसे यज्ञों की प्रशंसा नहीं करता ।

8. हिंदू धर्म (ब्राह्मण धर्म) के अनुसार व्यक्ति का जन्म उसके पिछले जन्म के अच्छे बुरे कर्मों के अनुसार उच्च या नीच कुल में होता है, वही Mahatma Buddha किसी भी कुल को ऊंचा या नीचा नहीं मानते थे, जब भगवान बुद्ध के पास एक राज परिवार के लोग और साथ में उपाली नाई दीक्षा लेने आए तो तथागत बुद्ध ने पहले नाई उपाली को भिक्षु संघ में दीक्षित किया, फिर उसके बाद राजकुमारों को भिक्षु संघ में दीक्षा दी ताकि शाक्य कुल पुत्र उपाली नाई को अपने से बड़ा मानकर उस का अभिवादन कर सकें, क्योंकि भिक्खु संघ में जो पहले दीक्षित होता था, उसे बड़ा माना जाता था । और न ही भगवान बुद्ध आत्मा Spirit के पुनर्जन्म में विश्वास करते थे, उन्होंने जैन भिक्षुओं से बातचीत करते हुए जोर देकर कहा था कि, वर्तमान जीवन का सुख-दुख परिस्थितियों का परिणाम है ।
   तथागत बुद्ध के धर्म से प्रभावित होकर देश के अधिकतर Mostly राजाओं ने वैदिक धर्म (हिंदू धर्म) छोड़ दिया और वे बौद्ध धर्म के उपासक बन गये , इनमे मगध के राजा अजातशत्रु, जिसका राज्य दक्षिण बिहार में स्थित था, वैशाली राज्य के लिच्छवि, कपिलवस्तु के शाक्य जिस कुल में Lord Buddha का जन्म हुआ, अहक्टय के बल्लि रामग्राम कोलि, पावा के मल्य, तथा कुशीनगर के मल्य आदि थे, इन राज्यों के शासकों ने बौद्ध धर्म अपनाया और वैदिक धर्म Vedic religion को त्याग दिया ।
   ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक (Emperor Ashok)  ने वैदिक धर्म का त्याग कर दिया और Buddhism में दीक्षित होकर बौद्ध धर्म के उपासक बन गये, सम्राट अशोक ने पूरे भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बौद्ध धम्म का प्रचार (Publicity) किया, प्रथम शताब्दी में राजा कनिष्क और छठी शताब्दी में राजा हर्षवर्धन ने भी वैदिक धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म के उपासक Worshiper बन गए । वैदिक धर्म से लोगों का मोह भंग होना हमेशा जारी रहा और हमेशा से वैदिक धर्म में क्षरण (टूटन)होता रहा है ।

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Tuesday, 21 August 2018

Vedic religion and Buddha Dham

Vedic religion and Buddha Dham

Vedic religion and Buddha Dham
Mahatma Buddha was born in 563 BC in a Kshatriya family. His father's refinement was then the king of Kapilavastu. His mother's name was Mahamaya. Even after being born in a state family, Lord Buddha's mind did not feel in the palace and pleasures, and left home for a period of 29 years. After 6 years of wandering, he got knowledge under the people's tree in Bodh Gaya. Lord Buddha gave his first sermon in Sarnath, which is called the Dhamma Chakra initiator, Lord Buddha did not believe in the authenticity of the Vedas, his approach was a scientific approach.

1. Where in the Brahmin religion (Hinduism) the Vedas are said to be God's creation, Lord Buddha did not believe in the existence of God, in response to the questions of Vasattha and Bharadwaj Brahmins, Lord Buddha Lord Buddha had said that when Nobody saw Brahma? If no Brahma Brahma was interviewed then how do you believe that Brahma is the existence of Brahma?

2. Where Brahmin Dharma (Hinduism) has said, that no word of Vedas vedas can be questioned. While addressing the same Kalam Kshatriyas, Tathagata Gautam Lord Buddha had said that there can not be any such thing which is completely inadequate with the possibility of being wrong, not even the Vedas, therefore Lord Buddha said that everything will be tested and amended. Tathagata continued the statement, "O Kalam, do not think of any thing just because he has come to your hearing, do not think of anything just because he came from tradition. Just do not think of any thing (hence) that many people are his supporters, do not just think of any thing that it is written in the scriptures, do not think of any thing just because he is a respected teacher "Before accepting something, it should be thoroughly examined by his wisdom and discretion, and when it seems that a thought is of interest to everyone, then he should accept it.

3. Hinduism (Brahman Dharma) states that the creation of the world has been done, the same God Buddha had said in the discussion with the Wassetath Brahmins and Bharadwaj Brahmins, that if God has created the universe, then by what matter Creation has created the universe. If there was a substance coming before the creation of the universe, so that God has created the creation, then God can not be called the first creator of creation, God is unknown, invisible, nobody can prove that this world is God Has created the world has not been created.



4. According to Hindu religion Brahmin is the highest, Brahmin class is highest because Brahmin class has originated from the mouth of Brahma, Lord Buddha had said in response to Ashwaleen Brahmin's question that when the women of Brahmins were women of other classes As is the season of birth, conceive, give birth to children, how can it be said, that is the best.

5. In the Vedas, the social system of the character has been called ideal society system, reading and teaching of Brahmin's work, doing the duty of the Kshatriyas and protecting, doing business of Vaishyas and doing work of shudras for the above three characters To serve, Lord Buddha replied in the answer to the question of Asura Brahmin, that if Chatwarna is an ideal society system then Yavan and Kamovos will be in neighboring countries. This caste system do not apply. Lord Buddha said further, as far as I am concerned, one should do the same profession, the business in which his condition is good, and that business should be abandoned, due to which his condition is bad.

6. According to the Brahmin religion, according to the religion of Shudra and women of all sections, the right to write and worship is not the right because women are impure, but Lord Buddha did not consider such a thing; they gave birth to women like Mahat Prajapati Gautami, Yashodhara, Nature's Sundalika Dixit in his religion, and without any discrimination in Pali, Barber, Bhangi Suneet, Untouchables, Brahmins and many kings, Damage done.

7. According to Hindu religion, to sacrifice the sacrifice of liberation or salvation of the soul is sacrificed in sacrificial animals and performing other religious actions and donating to the Brahmins, but Lord Buddha was against the sacrifice of animals in sacrificial animals, Ujjay In response to Brahmin's question, Tathagata Gautam Buddha had said, Hey! The sacrifice of a cow in the sacrifice of a cow in which the cow is slaughtered, goats and sheep are sacrificed, many kinds of creatures are killed, I do not praise such sacrifices.
8. According to Hindu religion (Brahmin religion), the person is born in the higher or lower total according to the good deeds of his previous birth, he did not consider any of the total elevated or low, when a Buddha family had a Raj family When people came together to take the initiation of Upali Nai, Tathagata Buddha first conferred the Nai Upali in the monk's Sangha, then after that he initiated the princes in the monk's union so that Shakya total It is possible to greet the Upstairs Barley as bigger than him, because before that Bhikkhu Sangha was treated as bigger. Nor did Buddha believe in the reincarnation of the soul, while speaking with Jain monks, stressed that happiness and suffering of the present life is the result of circumstances.

Influenced by Tathagata Buddha's religion, most of the kings left the Vedic religion (Hinduism) and they became worshipers of Buddhism, among them King Ajatshatru of Magadha, whose kingdom was located in southern Bihar, Lichchavi of Vaishali state, Kapilavastu Shakya The total of which was born, the Ahakta ki Balli Ramgram Koli, the Pavah medal, and the Kushinagar prize were etc. The rulers of these states adopted Buddhism and Vedic Abandoned Rm.

In the third century BC, Emperor Ashoka abandoned Vedic religion and became a devotee of Buddhism, became a devotee, Emperor Asoka promoted Buddhism throughout India as well as abroad, King Kanishka and sixth in the first century In the century, King Harshavardhana also became a worshiper of Buddhism after leaving Vedic religion. The disintegration of people from Vedic religion has continued and there has been a continuous erosion (vandalism) in Vedic religion.
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Thursday, 16 August 2018

अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर BSP की प्रेस ज्ञप्ति



अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर BSP की  प्रेस ज्ञप्ति
कल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया तथा कल BSP सुप्रीमो बहन कुमारी मायावती जी ने प्रेस विज्ञप्ति release जारी करके शोक व्यक्त किया है और कहा है कि राष्ट्र की ऐसी क्षति damage है जिसको पूरा नहीं किया जा सकता है :-

1.पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर Mayawati ji ने गहरा दुख व्यक्त किया ।

2.ग्वालियर में जन्मे श्री वाजपेयी ने पत्रकारिता journalism से जीवन शुरू किया और बाद में लखनऊ सीट से कई बार सांसद चुने गए ।

3.कवि मन वाले श्री वाजपेयी को सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान (remembered) के लिए हमेशा याद किया जाएगा ।

4.श्री वाजपेयी चार दशकों से भी ज्यादा भारतीय राजनीति में सक्रिय active रहे हैं

5.श्री वाजपेयी पहले जनसंघ और बाद भाजपा में रहने के बावजूद व्यापक तौर पर सम्मान honor की दृष्टि से देखे जाते थे ।
6.उन्होंने हमेशा पार्टी और सरकार में रहते हुए देश और society की भलाई करने का प्रयास किया है ।

7.उनके बारे में कहा जाता है कि वह सही सोच thinking वाले नेता थे लेकिन गलत पार्टी में रहे ।

8.सांसद केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके अमूल्य योगदान  को सदा याद remember किया जाएगा ।

9.भाजपा कि वर्तमान सरकार में भी श्री वाजपेयी की पाकिस्तान और कश्मीर संबंधी नीतियों को लोगों ने लगातार याद remember किया ।

10.लोगों का मानना है कि अगर स्वस्थ रहते तो भाजपा कभी इतना जन विरोधी सुकुचित अहंकारी और विद्वेषपूर्ण  नीति वाली Party नहीं बनती ।

11.मायावती जी ने कहा कि अगर से वाजपेयी स्वस्थ रहते तो देश country में हिंसा आफतकारी के माहौल के बजाय शांति और सदभाव  होता ।

In English


BSP press release on Atal Bihari Vajpayee's demise

Last day, due to a prolonged illness of former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee, and yesterday, BSP supremo Bahan Kumari Mayawati has expressed her condolence by issuing a press release and said that there is such a damage to the nation which can not be fulfilled: -


1. Mayawati expressed her deep condolences on the passing away of former Prime Minister Shri Atal Bihari Vajpayee.


2. Born in Gwalior, Shri Vajpayee started life from journalism and later many times MP from Lucknow constituency was elected.


3. Shri Vajpayee, who has a mind-set, will always be remembered for his contributions in public life.


4. Shri Vajpayee has been active in Indian politics for more than four decades.


5. Shri Vajpayee was widely seen in honor of the people in the Jana Sangh and later in the BJP.

6. He has always tried to do good for the country and society while living in the party and government.


7. They are said to be leaders of right thinking but staying in the wrong party.


8. Union Minister and his priceless contribution in the form of Prime Minister will be always remembered.


9. Bhajpa that in the current government, people have repeatedly remembered Shri Vajpayee's policies regarding Pakistan and Kashmir.


10. People believe that if it is healthy, then the BJP is never a party of anti-people, anti-egoistic and malicious policy.


11. Mayawati said that if Vajpayee was healthy, then there would be peace and harmony instead of violence in the country.

Wednesday, 15 August 2018

15 अगस्त पर BSP सुप्रीमो मायावती जी का PM मोदी पर हमला

Press Conference Mayawati ji
Press Conference Mayawati ji

15 अगस्त पर BSP सुप्रीमो मायावती जी का PM मोदी पर हमला

आज 15 अगस्त से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीएसपी सुप्रीमो मायावती जी ने Press Conference की उन्होंने PM मोदी पर सीधे हमला किया तथा उनके भाषण को चुनावी भाषण करार दिया Press Conference के मुख्य बिंदु शेयर कर रहा हूं .

  1. प्रधानमंत्री का लाल किले से दिया राजनीतिक शैली का चुनावी भाषण था ।
  2. इस लंबे चौड़े भाषण से देश की 125 करोड़ जनता को न तो कोई ऊर्जा और न ही कोई उम्मीद मिल पाई है ।
  3. प्रधानमंत्री देश की जनता को जान माल और मजहब की सुरक्षा (safety)की गारंटी देना भी भूल गए ।
  4. बहन जी ने कहा कि ऐसा भाषण प्रधानमंत्री को संसद में देना चाहिए था ताकि वहां सरकार का उत्तरदायित्व Responsibility तय हो सके और दावों को परखा जा सके ।
  5. BJP सरकार को अपनी नीतियों और क्रियाकलापों activities का हिसाब-किताब संसद में देना चाहिए और लाल किले का भाषण उम्मीद जगाने वाला होना चाहिए ।
  6. लाल किले के भाषण Speechका राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल Use नहीं किया जाता तो बेहतर होता ।
  7. भाजपा अपने संकीर्ण और विद्वेश का राजनीति Politics से ऊपर उठकर काम करने वाले नहीं है ।
  8. गरीबी महंगाई Poverty और बेरोजगारी आज भारत की सबसे बड़ी समस्याएं हैं ।
  9. तेजी से बढ़ते ही विश्व की राजनीतिक और आर्थिक economic स्थितियां जैसे पेट्रोल डीजल और भारतीय मुद्रा की गिरती कीमतों पर बोलना चाहिए ।
  10. व्यापार में जारी संकट crisis के हालात और रुपयों की गिरती कीमत के बारे में PM ने एक शब्द तक नहीं बोला ।
  11. चुनावी रैलियों और संसद की तरह ही अपने भाषण में अपनी Government की सवा साल का ही बखान करते रहे  ।
  12. देश में जो कुछ भी हो रहा है उससे अच्छा बना कर उसका सारा श्रेय credit, अपने आप को देने की कला का फिर उदाहरण पेश किया है लेकिन जो भी देश में गलत अनर्थ दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण (unfortunate)हो रहा है उसका भी ठीकरा उनके खाते में ही जाएगा ।
In English :-
1.The Prime Minister's election to the political style given by the Red Fort was the speech.

2.With this long wide speech, 125 crore people of the country have neither received any energy nor any hope.

3.The Prime Minister also forgot to guarantee the safety of life and religion of the people of the country.

4.She said that such a speech should have been given to the prime minister in Parliament so that the responsibility of the government could be ascertained and the claims could be ascertained.

5.The BJP government should give account of its policies and activities in parliament and the speech of the Red Fort should be awakening.

6.If Red Fort's speech is not used for political selfishness then it would have been better.

7.The BJP is not going to rise above its narrow and intellectual politics.

8.Poverty inflation and unemployment are today India's biggest problems.

9.As fast growing, the political and economic conditions of the world such as petrol diesel and Indian currency should be spoken on falling prices.

10.The Prime Minister did not talk to a single word about the current crisis of business and the falling prices of the rupees.

11.Like the election rallies and the Parliament, he continued to spell his year of government in his speech.

12.Whatever is happening in the country, all its credit is all the credit it has given to the art of giving yourself another example. But whatever misconception is going on in the country, it will be only in the account of the misfortune and misfortune.

Source by:- Dalit News Network
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