Tuesday, 7 August 2018

भारत में जातिवाद ही सबसे बड़ा आतंकवाद Part 2

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भारत में जातिवाद ही सबसे बड़ा आतंकवाद Part 2

Manusmriti Cast Systam Blog Post
मनुस्मृति तथा वर्ण व्यवस्था
सभी साथियों को जय भीम
जैसा की आप लोगों ने भारत जातिवाद ही सबसे बड़ा आतंकवाद Part 1 में जातिवाद क्यों है बताया दिया था तथा, जातिवाद खत्म करने के लिए संघर्ष बता दिया था अब Part 2 में जातिवाद होने का कारण तथा जातिवाद से शिकार जातिवाद से मुक्ति के बारे में बताएँगे आशा करता हूं ,आप सभी लोग इससे भी पसंद करेंगे …

जातिवाद होने का कारण:-

वैसे तो जातिवाद हजारों सालों से और इसका मुख्य कारण हिंदू धर्म ब्राह्मण धर्म व्यवस्था है जिसने इस देश के SC ST OBC समाज को टुकड़ों-टुकड़ों में बांट दिया गया ब्राह्मण धर्म के ग्रंथ उसमें रामायण, महाभारत, वेद स्मृति, मनुस्मृति, खासतौर पर मनुस्मृति में जातिवाद व्यवस्था (Racist system) है, जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शुद्र इन चार वर्ण में बांटा, चातुर्वर्ण्य व्यवस्था किस प्रकार इस देश के SC ST OBC को बांटा है यह हम आगे लिखने वाले Articles में बताएंगे ।
अगर जातिवाद को सही रूप से समझना है तो डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा लिखित खासतौर पर तीन पुस्तकों का अध्ययन करना होगा जिसमें Who Was Shudra, Anhalation of Cast, Who is untouchable and how  का अध्ययन करना पड़ेगा

देश में जातिवादियों का शासन प्रशासन पर कब्जा:-

संविधान के अनुसार जातिवाद छुआछूत का अंत है लेकिन देश कि शासन-प्रशासन में धार्मिक कट्टरता रखने वाले लोगों का कब्जा जमा हुआ है अगर हम शासन सत्ता की बात करें तो देश के केंद्र तथा राज्यों में ऐसे ही धार्मिक कट्टरता जातिवादी,अमानवतावादी,हिंदुत्ववादियों की देश व प्रदेश में सरकार कायम है,तथा प्रशासन में सरकारी Private संस्थानों में इन्हीं अमनावतावादियों की भारी संख्या में कब्जा कायम है,  इन लोगों की Government,Private धन धरती Education,Bussiness,Transport आदि संसाधनों पर 96% इन्हीं धार्मिक कट्टरपंथी जातिवादी हिंदुत्ववादी मानसिकता रखने वाले लोगों के पास है, तथा हर Department, school colleges universities क्षेत्र में इन्हीं लोगों का कब्जा है और ऐसी सोच रखने वाले लोग हैं और यही लोग जाति व्यवस्था को कायम किए हुए हैं ।


21वी सदी में जाति व्यवस्था का शिकार :-

आज 21वी सदी में जातिवाद का शिकार हमारे SC ST OBC की बात करें तो हम जातिवाद के शिकार लोगों को दो भागों में बांटते हैं:-
  1. अनपढ़ गरीब SC ST OBC जातिवाद के शिकार.
  2. शिक्षित नौजवान कर्मचारी जातिवाद के शिकार.


A.अनपढ़ SC ST OBC जातिवाद के शिकार:-

आज 21वीं सदी में SC ,ST ,OBC के लोग जातिवाद के बड़ी तादाद में शिकार हैं गांव के अनपढ़ गरीब अशिक्षित खासकर SC ST के लोग छुआछूत का शिकार होना पड़ता है, आज भी गांव में अगर SC ST का व्यक्ति ब्राह्मण ,ठाकुर के घर से निकले तो सिर पर जूता रख कर निकलते हैं, तथा, गांव में ब्राह्मण बनिया ठाकुर के घर की खाट पर कुत्ता बिल्ली तो बैठ सकता है, लेकिन SC ST समाज का व्यक्ति उस खाट पर नहीं कर सकता है , गांव की अनपढ़ गरीब SC ST के लोगों को सार्वजनिक नल कुओं से पानी तक नहीं ले पाते हैं उनके साथ छुआछूत होती रहती है,आए दिन SC ST के गरीब, अनपढ़, लोगों पर अन्याय अत्याचार की घटनाएं सामने आती रहती हैं ।


B.शिक्षित नौजवान कर्मचारी जातिवाद के शिकार :-

आज जो फूले, शाहू, अंबेडकर आदि बहुजन महापुरुषों के संघर्ष के कारण जो थोड़ा बहुत पढ़ लिख गए हैं या जिन्हें नौकरी पेशा करने का तथा School Collages में Study कर करने का मौका मिल रहा है उनके साथ भी जातिवाद का शिकार होना पड़ता है , बहुजन समाज के खासकर SC ST के लोगों को  government,Private,School,collegesजातिवाद का सामना करना पड़ता है चूंकि यह लोग जातिवाद को समझते हैं इसलिए इनके साथ अलग प्रकार से भेदभाव किया जाता है, जो SC ST के कर्मचारी नौकरी पेशा करते हैं उनको परेशान किया जाता है जो SC ST कर्मचारी नौकरी करते हैं वह कहते हैं नौकरी मिलना तो आसान है लेकिन नौकरी करते रहना वह बहुत कठिन है , और जो SC ST के Student अपनी पढ़ाई कर रहे हैं उनके साथ भी जातिवादी मानसिकता के कारण परेशान किया जाता है उन्हें भी स्कूल-कॉलेज में परेशान किया जाता है ।


जातिवाद से मुक्ति:-

अब बात आती है कि सब जातिवाद (Casteism) से मुक्ति कैसे हो तो मेरा मानना है, कि जातिवाद से अगर मुक्त होना है और इसके शिकार होने से बचना है तो सबसे पहले डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चलना होगा उन्होंने जो सत्ता के मंदिर पर कब्ज़ा (Capture) करने का संविधान में रास्ता दिया है ,उस रास्ते पर चलना होगा । और जो संविधान है,और संविधान और अभी जातिवादी Racist मानसिकता रखने वाले व्यक्तियों के हाथ में हैं उस संविधान को सत्ता के मंदिर पर कब्ज़ा करके उस संविधान को ब्राह्मणवादियों Brahmins के हाथ से छीनना होगा और अपने हाथ में लेना होगा तभी हम जातिवाद से मुक्ति पा सकते हैं और जातिवाद को जड़ से नष्ट कर सकते हैं ।

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